दिनांक-14/11/2018||क्राइम स्टोरी-देहरादून|| संविदा शिक्षकों के वेतन रोकने व हस्ताक्षर न करने पर जताया रोष
दिनांक-25/10/2018||अमर उजाला ||20 पॉलिटेक्निक पर बंदी की तलवार अन्य संस्थानों में भेजे जायेगे छात्र , 250 संविदा कर्मचारीयो को कर चुके है बाहर।
दिनांक-04/08/2016||दैनिक जागरण||अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने इन शिक्षको को यथावत रखने के आदेश जारी किये
दिनांक-09/07/2016||हिन्दुस्तान||संविदा कर्मचारियों को पक्का करने के लिए सरकार ने ब्योरा माँगा
दिनांक-07/07/2016||हिन्दुस्तान|| शासन में कसरत शुरू, कैबिनेट उपसमिति की 8 जुलाई को होने वाली बैठक में होगा विचार संविदा कर्मचारी हो सकते है नियमित
संविदा पॉलिटेक्निक शिक्षकों ने की सीएम से वार्ता
DATE- 30/06/2016
देहरादून l उत्तराखंड पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक एसोसिएशन की बैठक सर्वेश चौधरी की अध्यक्षता में हुई l उन्होंने बताया की संविदा शिक्षकों के मुद्दों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल सीएम हरीश रावत से मिला l उन्हें संविदा शिक्षकों की समस्याओ से अवगत कराया l बताया कि सम्बंधित अधिकारी उनके मामलो पर कार्रवाई नहीं कर रहे है l मामले में संविदा शिक्षकों का समूह सीएम के सलाहकार रणजीत सिंह रावत, विधायक विक्रम सिंह नेगी और विधायक राजकुमार से मिला और समस्याओ के निदान कि मांग की l सभी ने उन्हें सकारात्मक आसवासन दिया l अब संविदा शिक्षक तकनीकी मंत्री यशपाल आर्य से मिलेंगे l मौके पर अरविन्द रावत,पूजा रावत,खगेन्द्र अवस्थी,विपिन पाल सिंह,अनुदीप गुसाईं,नरेश पाठक,दीपक पंत,ज्योति बंगारी,चन्द्रबाला मौजूद रहे l
संविदा शिक्षकों की बढ़े संविदा अवधि
DATE - 23/06/2016
नैनीताल l राजकीय पॉलिटेक्निक में तैनात संविदा शिक्षकों का शिष्टमंडल बीते दिनों अल्मोड़ा में मुख्यमंत्री हरीश रावत व तकनीकी शिक्षा मंत्री यशपाल आर्य से मिला l उन्होंने संविदा शिक्षकों की संविदा अवधि बढ़ाने, उनके पदों को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखने तथा उन्हें नियमित करने की मांग की l शिक्षकों ने कहा की अगर 26 जून तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो वह 27 जून से कुमाऊ के शिक्षक हल्द्वानी तथा गढ़वाल के शिक्षक देहरादून में आंदोलन शुरू कर देंगे l शिष्टमंडल में संगठन के कोषाध्यक्ष खगेन्द्र अवस्थी,गौरव कुमार,मनीष भट्ट, दीपक पंत, ज्योति बंगारी,सरिता कटियार,रवि कुमार, कैलाश शंकर,पंकज डांगर,महेश पाल,अशोक आदि उपस्थित रहे l
प्रेस विज्ञप्ति
DATE-15/08/2014
देहरादून (संवाददाता): अपनी पांच सूत्रीय मांगो को लेकर राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओ में कार्यरत संविदा व्याख्याताओ / कर्मशाला अनुदेशको / कंप्यूटर प्रोग्रामरों का 22 दिवसीय आंदोलन केबिनेट के 12 अगस्त के फैसले के बाद समाप्त किया गया किन्तु जब शिक्षक दिनाँक 14-08-2014 को अपनी संस्थाओ में कार्य पर उपस्थित हुऐ तो कुछ संस्थाओ के प्रधानाचार्यो, विभागाध्यक्षों, संस्थागत कर्मियों द्वारा सौतेला व्यवहार किये जाने की सूचनाये प्राप्त हुई है | उत्तराखंड पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी के सचिव श्री राजकिरण बेरवान ने बताया कि संविदा शिक्षको के साथ अलग-अलग प्रकार के बहाने बनाकर नियुक्ति देने से रोका गया | राजकीय पॉलिटेक्निक कोटद्वार एवं राजकीय पॉलिटेक्निक नरेंद्रनगर द्वारा बहाने बनाये गए के संस्था में प्रधानाचार्ये उपस्थित नहीं है | संस्था में उपस्थिति रजिस्टर समाप्त हो गया, हमारे पास कोई शासनादेश नहीं पहुँचा है | आज से नहीं बल्कि 19 अगस्त 2014 से नियुक्ति दी जाएगी | ज्ञात हो कि प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के दिनांक 04 अगस्त 2014 के पत्रांक संख्या 1092/नि.प्रा.शि./स्था.-03/2014-15 के द्वारा उपरोक्त शिक्षको कि नियुक्ति के सम्बन्ध में पहले ही आदेश जारी किये जा चुके है | अतः प्रधानाचार्यो के इस प्रकार के भेदभावपूर्ण व तानाशाहीपूर्ण रवैये से शिक्षको में पुनः रोष व्याप्त हो रहा है | यदि 14 अगस्त 2014 से शिक्षको को नियुक्ति नहीं दी गयी तो शिक्षक इसके विरुद्ध आंदोलन करने को पुनः विवश होगे |
पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों का आंदोलन समाप्त
DATE-14/08/2014
- विधायक राजकुमार ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन कर रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने अपनी अधिकांश मांग पूरी होने पर आंदोलन समाप्त कर दिया है। राजपुर विधायक राजकुमार ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। पिछले करीब एक माह से धरना प्रदर्शन कर रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने कैबिनेट के निर्णय के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने मानदेय बढ़ाने, पदनाम बदलने और सेवा विस्तार करने की शतोर्ं पर सहमति व्यक्त की है। जिसके बाद शिक्षकों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शेष तीन मांगों पर सरकार को वक्त दिया जा रहा है। बुधवार को संसदीय सचिव व राजपुर विधायक राजकुमार और मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी आनंद बहुगुणा ने मौके पर पहुंचकर आंदोलन समाप्त करवाया। राजकुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार हड़ताल को बढ़ावा देने की पक्षधर नहीं है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और उनकी मांगों को बातचीत के जरिये हल करने का प्रयास किया जाएगा। जिससे कार्य प्रभावित न हों और लोगों को परेशानी भी न ङोलनी पड़े। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि सरकार ने अधिकांश मांग मान ली है। शिक्षक शेष तीन मांगों के लिए सरकार पर फिलहाल दबाव नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कैबिनेट ने अतिथि व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार, कार्यशाला अनुदेश को 20 हजार और कंप्यूटर ऑपरेटर को 15 हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर खगेंद्र अवस्थी, श्वेता, दीपक, संदीप, सिमरन बडवाल, कविता भंडारी, सब्बल सिंह, मुनीर, दिव्या नेगी, अरुण कुमार, नमिता तिवारी, विपिन पाल सिंह, पंकज डागर, रितुराज गडिया, सुमित, नंद किशोर समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक का मानदेय 30 हज़ार
DATE-13/08/2014
देहरादून (संवाददाता) देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में कल देर शाम हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए जिसमे मंत्रिमंडल ने संविदा शिक्षकों को मानदेय वृद्धि का तोहफा दिया। पालीटेक्निक में कार्यरत अतिथि व्याख्याता, कर्मशाला अनुदेशक और कंप्यूटर आपरेटर के पदनाम के आगे संविदा जोड़ा गया है। साथ ही संविदा व्याख्याता का मानदेय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार, कर्मशाला अनुदेशक का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये और कंप्यूटर आपरेटर का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया है।
आमरण अनशन 14वे दिन भी जारी
DATE-12/08/2014
देहरादून (संवाददाता): उत्तराखंड पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी का धरना लगातार 20वे दिन तथा आमरण अनशन 14वे दिन भी जारी रहा |
कल रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन भी अनशनकरी धरने पर बैठे रहे | शासन द्वारा इतने दिनों तक अनदेखी से सभी शिक्षक आक्रोशित है इसी के चलते दो शिक्षक कौत्स कुमार तथा दीपक नौटियाल भी रक्षाबंधन के दिन से अनशन पर बैठे है | अब चार शिक्षक अनशन पर बैठे हुए है
अनशन पर बैठे सभी अनशनकारीयो के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है लेकिन सरकार द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है | तथा प्रदेश के विभिन पॉलिटेक्निक में पठन-पाठन का कार्य भी पूर्ण रूप से बाधित हुआ है क्योंकि कई पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षको के भरोसे चल रहे है
आंदोलनकारियों में सर्वेश चौधरी, खगेन्द्र अवस्थी, भूपेंद्र बोरा, पूनम रावत,श्वेता चौहान, ऋतुराज गढ़िया, विपिन पाल सिंह,आशीष सेमवाल, दीपक नौटियाल,नरेश पाठक,धीरेन्द्र कुमार, अनुराग रावत आदि उपस्थित रहे |
रक्षाबंधन पर भी रहा संविदा शिक्षको का अनशन जारी
DATE-11/08/2014
- जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज
करने की धमकी
देहरादून (संवाददाता) उत्तराखंड पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी के द्वारा चलाया जा रहा आमरण अनशन में रविवार को भी धरना जारी रहा | और वही संविदा शिक्षको ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आंदोलन तेज करने की धमकी दी | वही अनशन पर बैठे हुए संविदा शिक्षकों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है |
यहां पुराने रायपुर बस अड़ड़े में विगत तीन सप्ताह से आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों ने अब अपनी आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर है | अपनी पांच सूत्रीय मांगो के निदान के लिए सोसाइटी से जुड़े हुए संविदा शिक्षकों ने अपनी मांगो को लेकर आमरण अनशन कर रहे है मगर सरकार की ओर से उनकी जायज मांगो पर अभी तक कोई उचित कार्यवाही का भरोसा नहीं मिल पाया है जिससे वह अब हार से आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर है | अनशन में संदीप धुंयाल, मनीष भट्ट, पूनम रावत एवं दिव्या नेगी पूरन सिंह रना शामिल है | इस दौरान प्रदर्शनकारी संविदा शिक्षकों ने कहा कि निरंतर पांच वर्षो तक कार्य करने वाले संविदा कर्मियों को नियमित करना भी बेमानी साबित हुई है | उनका कहना है कि शीघ्र ही उनकी मांगो का समाधान नहीं किया जा रहा है जिससे संविदा शिक्षको में आक्रोश बना हुआ है |
इस दौरान सर्वेश चौधरी, ऋतुराज गड़िया, अरुण कुमार, नमिता तिवारी, पंकज डागर, सुमित, नन्द किशोर सती, पूरन सिंह राणा, महेश पाल, खगेन्द्र अवस्थी, श्रेता, अशोक कुमार, किशोरी लाल, मुकेश सिंह, राजीव मंद्रवाल, विजय राम डंगवाल, नरेश पाठक दीपक, संदीप, सिमरन बड़वाल, कविता भंडारी, सब्बल सिंह, भूषण,मुनीर,दिव्या नेगी,सुमित कुमार,पूनम रावत, दिशा नेगी,शीतल,महेश कुमार,विपिन पाल सिंह,शुभाष पाल, महेश भट्ट, राजेश सिंह आदि मौजूद थे |
DATE-10/08/2014
- देहरादून के
परेड ग्राउंड में अनशन पर बैठे पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक।
- आमरण अनशन पर बैठे शिक्षक झुकने को नहीं तैयार
जनवाणी संवाददाता, देहरादून : पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक झुकने को तैयार नहीं हैं। शिक्षकों ने अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। कई दिन से राज्यभर के शिक्षक राजधानी में भूखे-प्यासे रहकर आन्दोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकारी नुमाइंदों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है।
रायपुर बस स्टैंड में शनिवार को
भी धीरेंद्र कुमार, अनुराग रावत, ऋतुराज और गौरव भट्ट आमरण अनशन पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि वह
अंतिम सांस तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। मांग पूरी न होने तक उनका आन्दोलन जारी
रहेगा। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि सरकार पॉलिटेक्निक
संविदा शिक्षकों के जीवन को लेकर भी गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों को आमरण अनशन
के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई साथी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उसके बावजूद सरकार
उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि
समस्याओं का समाधान न होने तक आन्दोलन जारी रहेगा। संदीप गुसांई, नंद किशोर सती, महेश पाल, सुमित कुमार, श्वेता, दिशा नेगी, शीतल, महेश कुमार, सुभाष पाल, महेश भटट, राजेश सिंह नेगी, अशोक कुमार, किशोरी लाल, मुकेश सिंह, राजीव मंद्रवाल, विजय राम डंगवाल, नरेश पाठक, खगेन्द्र अवस्थी और श्वेता समेत अन्य शिक्षक धरने पर बैठे।
प्रदर्शनकारी का स्वास्थ्य बिगड़ा, अस्पताल में भर्ती
- सांस लेने में समस्या के बाद 108 की मदद से पहुंचाया अस्पताल
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे दो पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों को स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक शिक्षक को सांस लेने में समस्या होने के बाद 108 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में दो अन्य संविदा शिक्षक आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि साथियों के संघर्ष को जाया नहीं जाने दिया जाएगा।1शुक्रवार को रायपुर बस स्टैंड पर आमरण अनशन कर रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सुनित कुमार की तबियत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिससे साथी संविदा शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने आस-पास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्टैंड में ही धरना प्रदर्शन कर रहे संग्रह अमीन मौके पर पहुंचे और 108 की मदद से सुनित को अस्पताल पहुंचाया। वहीं अरविंद रावत को भी तबियत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में धीरेंद्र कुमार और अनुराग रावत आमरण अनशन पर बैठ गए। 1सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि सरकार पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों के जीवन को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों को आमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई साथी अस्पताल में भर्ती हैं। उसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। इस दौरान संदीप गुसाई, नंद किशोर सती, महेश पाल, सुमित कुमार, श्वेता, दिशा नेगी, शीतल, महेश कुमार, सुभाष पाल, महेश भट्ट, राजेश सिंह नेगी आदि धरने पर बैठे।
पालीटेक्निक संविदा शिक्षकों का अनशन जारी
DATE-08/08/2014
- नौ दिनों से आमरण अनशन पर हैं संविदा कर्मी
देहरादून (एसएनबी)। उत्तराखंड पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों का धरना 15वें दिन व आमरण अनशन 9वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे संविदा शिक्षकों की हालत नाजुक होने के कारण पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन संविदा शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। जिससे वह आक्रोशित हैं। बृहस्पतिवार को परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर संविदा शिक्षकों की एक आवश्यक बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर संविदा शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। सेवा विस्तार सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे व आमरण अनशन कर रहे शिक्षकों के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है। जिसे देखते हुए पुलिस ने कुछ अनशकारियों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने व पुन: आमरण अनशन पहुंच गए। उसके बाद अन्य प्रदर्शनकारियों में आक्रोश और तेज हो गया है। उधर एसोसिएशन के अध्यक्ष सव्रेश चौधरी का कहना है कि बुधवार को भी चार अनशनकारियों को मेडिकल चेकअप के बाद जबरन पुलिस द्वारा अस्स्पताल में भर्ती कराया गया। अभी आमरण अनशन पर चार लोग बैठे हैं।
पढ़ाना छोड़ अनशन करने को मजबूर शिक्षक
DATE-07/08/2014
देहरादून: आमरण अनशन पर बैठे पॉलिटेक्निक शिक्षकों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की बिल्कुल भी चिंता नहीं है। अगर सरकार को चिंता होती तो उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता। शिक्षक स्कूलों में पढ़ाना छोड़ देहरादून आकर आमरण अनशन करने को मजबूर नहीं होते।
बुधवार को पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे संदीप
घुनियाल की तबियत खराब हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह
दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती
करवा दिया। अन्य प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस के साथ
धक्का-मुक्की भी की। वहीं दूसरी ओर ऋतुराज गडिया, अरविंद रावत, सुनीत कुमार और गौरव भट्ट आमरण अनशन पर बैठे रहे। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष
सर्वेश चौधरी ने बताया कि आज कुछ अन्य शिक्षक भी आमरण अनशन पर बैठेंगे। जब तक
सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, आन्दोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक लम्बे समय से पांच सूत्रीय मांगों
को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं। इस दौरान संदीप गुसांई, नंद किशोर सती, महेश पाल, सुमित कुमार, श्वेता, दिशा नेगी, शीतल, महेश कुमार, सुभाष पाल आदि थे।
अनशनकारियों की हालत बिगड़ी, चार अस्पताल में
DATE-06/08/2014
- मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक
देहरादून (एसएनबी)। पांच सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों की हालत बिगड़ने लगी है। मंगलवार को प्रशासन ने चार अनशनकारियों को जबरन उठाकर चिकित्सालय में दाखिल करा दिया है। आयोग की परिधि से बाहर किये गये पदों पर संविदा शिक्षकों को समायोजित करने की मांग को लेकर उत्तराखंड पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसायटी का अनशन व धरना मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को अनशन पर बैठे पूरण राणा, मनीष भट्ट, विद्या नेगी व पूनम रावत की हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने चारों अनशनकारियों की स्थिति खराब होने का हवाला देते जबरन अनशन तुड़वाने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अपराह्न करीब सवा तीन बजे उन्हें जबरन उठाकर कोरेनेशन चिकित्सालय में दाखिल करा दिया है। इन्हें उठाये जाने के बाद तीन अनशनकारी रह गये। बाद में दो और शिक्षक अनशन पर बैठ गये। सोसायटी के अध्यक्ष सव्रेश चौधरी ने कहा कि मांगों के पूरा होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। इस मौके पर महेश कुमार, महेश भट्ट, अशोक कुमार, मुकेश सिंह, नरेण पाठक, सिमरन बडवाल, कविता भंडारी, मुनीर, नमिता तिवारी, पंकज डागर, नंदकिशोर सती समेत अनेक लोग मौजूद थे।
- विधायक के सीएम से वार्ता के आश्वासन पर ही शांत हुए प्रदर्शनकारी
- संगीत कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे राजपुर विधायक राजकुमार को घेरा
- विगत सात दिनों से आमरण अनशन व धरने पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक।
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे संविदा पॉलीटेक्निक शिक्षकों ने राजपुर विधायक राजकुमार को घेर लिया। संगीत कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे विधायक को उनके गुस्से का शिकार होना पड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षक भूख हड़ताल पर हैं और जनप्रतिनिधि संगीत का लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि विधायक के सीएम से वार्ता के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हो गए। 1सोमवार को भी संविदा पॉलीटेक्निक शिक्षक अरविंद रावत, ऋतुराज नेगी, संदीप घुनियाल, मनीष भट्ट, पूनम रावत, दिव्या नेगी और पूरण सिंह राणा आमरण अनशन पर रहे। इस दौरान चार प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई। उधर, सोमवार को राजपुर विधायक राजकुमार एक संगीत कार्यक्रम में शिरकत करने हिंदी भवन पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों को इस बात की भनक लगी, तो वे भी वहीं पहुंच गए। विधायक को घेर हंगामा करने लगे। उन्होंने तकरीबन आधा घंटे विधायक को घेरे रखा। विधायक के सीएम से वार्ता का आश्वासन देने के बाद ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम हुआ। प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र शुरू हो चुका है। उसके बावजूद अभी तक संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई। ऐसे में पॉलीटेक्निक में पढ़ाई चौपट हो रही है। इस दौरान नंद किशोर सती, पूरण सिंह राणा, महेश पाल, सुमित कुमार, श्वेता, पूनम रावत, दिशा नेगी, महेश कुमार, सुभाष पाल, महेश भट्ट आदि उपस्थित रहे।
देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों की मुख्यमंत्री से वार्ता विफल रही। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि अगली कैबिनेट में यह प्रकरण लाया जाएगा। जिस पर बात नहीं बनी। शिक्षकों ने आंदोलन स्थगित करने से इन्कार कर दिया। उधर, स्वास्थ्य प्रशिक्षण के लिए पहुंची टीम को भी अनशनकारियों ने बैरंग लौटा दिया। इसे लेकर उनकी टीम के सदस्यों व पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। शिक्षकों ने कहा कि पिछले चार दिन से प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी, नंद किशोर सती, पूरण सिंह राणा, महेश पाल, सुमित कुमार, श्वेता, पूनम रावत, दिशा नेगी, शीतल, महेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
- दून अस्पताल में किया गया भर्ती
- आंदोलनरत पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों को कैंट विधायक ने दिया आंदोलन को समर्थन
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों में से एक की बुधवार शाम तबीयत बिगड़ गई। अनशनकारी जगदीश सिंह नेगी धरनास्थल पर बेहोश हो गए। जिन्हें की 108 की मदद से अस्पताल भिजवाया गया। उधर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैंट विधायक हरबंस कपूर ने शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से वार्ता करने का आश्वासन दिया है। मानदेय बढ़ाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक पुराने रायपुर बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें पांच ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। बुधवार को अनशनकारी जदगीश सिंह नेगी की तबीयत बिगड़ गई। उधर, कैंट विधायक हरबंस कपूर धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने शिक्षकों की मांगों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कार्य कर रहे इन शिक्षकों के अनुभव का सरकार को लाभ लेना चाहिए। बेरोजगार प्रशिक्षितों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र हो चुका है। इसके बावजूद संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई। ऐसे में पढ़ाई लिखाई चौपट हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे वक्त से अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चार वर्षो के लिए स्वत: सेवा विस्तार करने, लोक सेवा आयोग-समूह ग की परिधि से बाहर करने, संविदा व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार व संविदा कर्मशाला अनुदेशक-कंप्यूटर प्रोग्रामर का मानदेय 25 हजार करने, आयोग की परिधि से बाहर किए गए 412 पदों पर कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियुक्ति देने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश दिए जाने और 11 माह का वेतन व 12 आकस्मिक अवकाश की मांग अब तक अनसुनी है। इस दौरान संदीप गुसाईं, खगेंद्र अवस्थी, पूरण सिंह राणा, महेश पाल, सुमित, श्वेता, पूनम, धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
- समय रहते मांगें पूरी नहीं हुई तो किया जाएगा उग्र आंदोलन
देहरादून (एसएनबी)। पांच सूत्री मांगों के निदान को लेकर उत्तराखंड पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसायटी ने सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने के सातवें दिन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संविदा शिक्षकों ने दो टूक शब्दों में कहा कि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। मंगलवार को हिंदी भवन के समक्ष संविदा कर्मियों की बैठक में आरमण अनशन शुरू करने का निर्णय किया गया। इसके बाद संविदा शिक्षक अनशन पर बैठ गये। संविदा शिक्षकों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। संविदा शिक्षकों ने कहा कि पिछले लंबे समय से उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जबकि सरकार द्वारा पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। संविदा शिक्षकों ने कहा कि उनका मानदेय 35 हजार एवं संविदा कार्यशाला अनुदेशक प्रोग्रामर का मानदेय 25 हजार रुपये किया जाना चाहिए। इसके साथ ही 412 पदो को आयोग की परिधि से बाहर करना चाहिए। आमरण अनशन पर बैठने वालों में जगदीश सिंह नेगी, संदीप धुनियाल, मनीष भटट, पूनम रावत एवं दिव्या नेगी शमिल है। इस मौके पर सोसायटी के अध्यक्ष सव्रेश चौधरी, नंद किशोर सती, नरेश पाठक, खगेन्द्र अवस्थी, वेता, दीपक, संदीप, सिमरन बडवाल, कविता भंडारी, अरूण कुमार, नमिता तिवारी, पंकज डागर, रितुराज गडिया, सुमित , पूरन सिंह राणा, महेश पाल, सुमित कुमार, वेता, पूनम रावत, दिशा नेगी, शीतल, महेश कुमार, सुभाष पाल, महेश भटट आदि मौजूद थे।
- पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, सड़क पर लेटे
- पुलिस-प्रदर्शनकारियों में धक्का मुक्की, कई हुए चोटिल
जागरण संवाददाता, देहरादून: नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों को पुलिस ने सचिवालय कूच करते गिरफ्तार कर लिया। इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारी शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए। पुलिस ने इन्हें घसीट कर गाड़ियों में भरा। जिसमें दर्जनभर शिक्षक चोटिल हुए हैं। 1अपनी पांच सूत्रीय मांग को लेकर पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को इनका सचिवालय कूच का कार्यक्रम था। सीटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और सचिवालय कूच पर ही अड़े रहे। पुलिस ने इन्हें रोकने के प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारी पुलिस से उलझ पड़े। कुछ देर धक्का-मुक्की के बाद यह लोग सड़क पर लेट गए। पुलिस ने बमुश्किल इन्हें गाड़ियों में भरा। 120 शिक्षकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन ले जाकर छोड़ दिया गया। संविदा शिक्षकों ने पुलिस की कार्रवाही की भर्त्सना की व शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पॉलीटेक्निक शिक्षक संगठन के अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस के दम पर उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहीं है। लेकिन वे शासन व प्रशासन की इस दमनकारी नीति के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि वे पिछले चार वषरे से विभिन्न राजकीय पॉलीटेक्निक में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही।
मौन जुलूस निकालकर जताया विरोध
जागरण संवाददाता, देहरादून: पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षक सरकार के रवैये से नाराज पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षकों ने रविवार को मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। शिक्षकों ने कहा कि सरकार जानबूझकर उनकी अनदेखी कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो शिक्षक उग्र आन्दोलन करेंगे। 1रविवार को पॉलिटेक्निक संविदा शिक्षकों ने रायपुर बस स्टैंड से दर्शन लाल चौक, घंटाघर, राजपुर रोड, एस्लेहॉल से होते हुए वापस रायपुर बस स्टैंड तक मौन जुलूस निकाला। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक रायपुर बस स्टैंड में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र शुरू हो गया है। उसके बावजूद अज़ी तक संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई है। ऐसे में पॉलिटेक्निकों में पढ़ाई-लिखाई चौपट पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लम्बे समय से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं। उसके बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं की जा रही है। उन्होंने चार वषों के लिए स्वत सेवा विस्तार करने, लोक सेवा आयोग/समूह ग की परिधि से बाहर करने, संविदा व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार व संविदा कर्मशाला अनुदेशकों/कंप्यूटर प्रो का मानदेय 25 हजार रुपये करने, आयोग की परिधि से बाहर किए गए 412 पदों पर कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियुक्ति देने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश दिए जाने और 11 माह का वेतन व 12 आकस्मिक अवकाश देने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में संदीप गुसाई, खगेंद्र अवस्थी, पूरन सिंह राणा, महेश पाल, सुमित, श्वेता, पूनम रावत, दिव्या नेगी, शीतल, महेश, सुज़ाष पाल, धीरेंद्र कुमार, दीपक, संदीप घुनियाल समेत अन्य संविदा शिक्षक शामिल रहे।
- पांच सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलनरत हैं पॉलीटेक्निक संविद
- मांगें जल्द पूरी न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने शनिवार को सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया। संविदा शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। वे पिछले कई दिन से राजधानी में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अनसुनी बनी हुई है। शिक्षकों ने मांगें जल्द न पूरी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। 1पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र हो चुका है। इसके बावजूद संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई। ऐसे में पढ़ाई लिखाई चौपट हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे वक्त से अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चार वर्षो के लिए स्वत: सेवा विस्तार करने, लोक सेवा आयोग-समूह ग की परिधि से बाहर करने, संविदा व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार व संविदा कर्मशाला अनुदेशक-कंप्यूटर प्रोग्रामर का मानदेय 25 हजार करने, आयोग की परिधि से बाहर किए गए 412 पदों पर कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियुक्ति देने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश दिए जाने और 11 माह का वेतन व 12 आकस्मिक अवकाश की मांग अब तक अनसुनी है। इस दौरान संदीप गुसाईं, खगेंद्र अवस्थी, पूरण सिंह राणा, महेश पाल, सुमित, श्वेता, पूनम, धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने मांगी भीख
जागरण संवाददाता, देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने भीख मांगकर अपना विरोध प्रकट किया। शिक्षकों ने कहा कि सरकार के रवैये के ही कारण उन्हें यूं भीख मांगने को मजबूर होना पड़ा है। मांगें जल्द न पूरी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। 1पुराने रायपुर बस अड्डे पर धरना दे रहे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीख मांगकर अपना विरोध जताया। यह रकम मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में जमा कराने की बात कही है। पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र हो चुकी है। इसके बावजूद संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई । ऐसे में पढ़ाई लिखाई चौपट हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे वक्त से अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चार वर्षो के लिए स्वत: सेवा विस्तार करने, लोक सेवा आयोग-समूह ग की परिधि से बाहर करने, संविदा व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार व संविदा कर्मशाला अनुदेशक-कंप्यूटर प्रोग्रामर का मानदेय 25 हजार करने, आयोग की परिधि से बाहर किए गए 412 पदों पर कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियुक्ति देने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश दिए जाने और 11 माह का वेतन व 12 आकस्मिक अवकाश की मांग अब तक अनसुनी है। इस दौरान संदीप गुसाईं, खगेंद्र अवस्थी, पूरण सिंह राणा, महेश पाल, सुमित, श्वेता, पूनम, धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
पॉलीटेक्निक शिक्षकों ने फूंकी डिग्री की प्रतियां
देहरादून: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसायटी ने शासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप अपनी डिग्रियों की प्रतियां फूंकी। वहीं परेड ग्राउंड में चल रहा शिक्षकों का धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी भी की। धरनास्थल पर हुई सभा में सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सांसद रहते उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए कार्यवाही की बात कही थी। लेकिन अब वे उनकी मांगों को नजर अंदाज कर रहे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। पंकज डागर ने कहा कि कांग्रेस सरकार संविदा कर्मियों के साथ धोखा कर रही है, यदि सरकार का इस प्रकार का अड़ियल रवैया रहा तो सरकार को इसके दूरगामी परिणाम ङोलने पड़ेंगे। खगेंद्र अवस्थी ने कहा कि संविदा शिक्षकों की मांगों की उपेक्षा की जा रहीं है जो संविदा शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इस दौरान श्वेता, पूनम, दिव्या, नरेश, मोहनी, धीरेंद्र, राजेश, सुमित, राजीव, जयवीर, प्रवीण, गौरव, अनूप आदि मौजूद थे।
पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों के तेवर तल्ख
जागरण संवाददाता, देहरादून: मांगें पूरी न होने से खफा पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। शिक्षकों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। बुधवार को पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसाइटी के बैनर तले संविदा शिक्षक पुराने रायपुर बस अड्डे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि 16 जुलाई से नया सत्र हो चुका है इसके बावजूद संविदा शिक्षकों को तैनाती नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे वक्त से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। चार वर्षो के लिए स्वत: सेवा विस्तार करने, लोक सेवा आयोग-समूह ग की परिधि से बाहर करने, संविदा व्याख्याताओं का मानदेय 35 हजार व संविदा कर्मशाला अनुदेशक-कंप्यूटर प्रोग्रामर का मानदेय 25 हजार करने, आयोग की परिधि से बाहर किए गए 412 पदों पर कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियुक्ति देने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश दिए जाने 12 आकस्मिक अवकाश की मांग अब तक अनसुनी है। प्रदर्शन करने वालों में संदीप गुसाईं, महेश पाल, सुमित, श्वेता, पूनम, धीरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।